दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा प्रहार: “CROMPTON” ब्रांड के दुरुपयोग पर सख्त प्रतिबंध

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तारीख: मार्च 2026
स्थान: नई दिल्ली, भारत

हेडलाइन:
दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा प्रहार: “CROMPTON” ब्रांड के दुरुपयोग पर सख्त प्रतिबंध


नई दिल्ली:
बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई में, Delhi High Court ने Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd. के पक्ष में एक्स-पार्टी एड-इंटरिम इंजंक्शन जारी करते हुए नकली कारोबारियों पर सख्त शिकंजा कस दिया है।

माननीय न्यायालय ने कई प्रतिवादियों को “CROMPTON” ट्रेडमार्क या उससे मिलते-जुलते किसी भी भ्रामक मार्क, ट्रेड ड्रेस, पैकेजिंग या ब्रांडिंग के तहत उत्पादों के निर्माण, बिक्री, वितरण और प्रचार-प्रसार से तुरंत प्रभाव से रोक दिया है।

कोर्ट ने अपने व्यापक आदेश में स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल भौतिक उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि “CROMPTON” नाम का उपयोग किसी भी ट्रेड नेम, डोमेन नेम, कीवर्ड, मेटाटैग या अन्य वाणिज्यिक पहचान के रूप में करना भी पूरी तरह निषिद्ध होगा। यह आदेश डिजिटल और ऑनलाइन मार्केटप्लेस में बढ़ते दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई को दर्शाता है।

इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे सभी उल्लंघनकारी लिस्टिंग, विज्ञापन और प्रमोशनल कंटेंट को तुरंत हटाएं, साथ ही ऐसे विक्रेताओं की पूरी जानकारी भी साझा करें जो इस अवैध गतिविधि में संलिप्त हैं।

कोर्ट ने एक डायनामिक इंजंक्शन मैकेनिज्म भी लागू किया है, जिसके तहत वादी को नए उल्लंघनकारी वेबसाइट्स की जानकारी देने की स्वतंत्रता दी गई है। ऐसी सूचना मिलने पर संबंधित वेबसाइट्स को तुरंत ब्लॉक या सस्पेंड किया जाएगा, जिससे बिना बार-बार मुकदमेबाजी के निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए न्यायालय ने लोकल कमिश्नर्स की नियुक्ति की है, जिन्हें प्रतिवादियों के परिसरों पर जाकर सर्च और सीजर ऑपरेशन करने, इन्वेंट्री तैयार करने, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग करने तथा वित्तीय और लेन-देन संबंधी रिकॉर्ड की जांच करने के व्यापक अधिकार दिए गए हैं।

जप्त किए गए सामान को न्यायालय के निर्देशानुसार सुपुर्दगी (Superdari) पर रिहा किया गया है, जो आगे के आदेशों के अधीन रहेगा।

न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि इस मामले में ट्रेडमार्क उल्लंघन और पासिंग ऑफ का मजबूत प्राइमा फेसी केस बनता है, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा और व्यापार को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इसी आधार पर कोर्ट ने तत्काल अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए प्रतिवादियों की सभी उल्लंघनकारी गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

यह ऐतिहासिक आदेश नकली कारोबार के खिलाफ न्यायपालिका की सख्त और सक्रिय भूमिका को दर्शाता है, जो ब्रांड की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


🔔 उपभोक्ता सलाह:
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ब्रांडेड इलेक्ट्रिकल और उपभोक्ता उत्पाद खरीदते समय विशेष सतर्कता बरतें। नकली उत्पाद न केवल गुणवत्ता में कमी लाते हैं, बल्कि गंभीर सुरक्षा जोखिम और आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकते हैं।

हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करें और उत्पाद की प्रामाणिकता को आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करें। किसी भी संदिग्ध या नकली उत्पाद की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन या संबंधित ब्रांड को दें।

आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा है।


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